Friday, 24 June 2016

जी हाँ यह चौकाने वाली लेकिन बिलकुल सत्य खबर है कि, ये नरेन्द्र मोदी नहीं हैं वो (बीजेपी वाले) असली नरेन्द्र मोदी।


जी हाँ यह चौकाने वाली लेकिन बिलकुल सत्य खबर है
                            कि, ये नरेन्द्र
मोदी नहीं हैं वो (बीजेपी वाले) असली नरेन्द्र मोदी








ये कारनामा 2014 के आम चुनावों के शीघ्र बाद हुआ था , जब चुनाव हो गए थे और सारे न्यूज़ चैनल में इस बात को बताया जा रहा था की बीजेपी सत्ता में आ रही है और नरेंदर मोदी ही होंगे देश के अगले प्रधानमन्त्री।
ठीक उसी वक़्त कांग्रेस ने एक साजिश रच कर असली नरेन्द्र मोदी की जगह एक नकली नरेंद्र मोदी बिठा दिया।
असल में यह कोशिश 2013 में ही चालु हो गयी थी, और धीरे धीरे कर 2014 तकप्लास्टिक सर्जरी की बदौलत बिलकुल वैसा ही व्यक्ति बना दिया गया, जैसे की हमारे असली वाले नरेंद्र मोदी जी दिखते थे।
जब नरेंद्र मोदी चुनाव के बाद गुजरात जा रहे थे तभी उन्हें बदल दिया गया था, और जिस व्यक्ति को शपथ दिलाई गयी थी, वो कांग्रेस का अपना आदमी है।
आपको मेरी बात पर यकीन नहीं हो रहा होगा तो ये सबूत लीजिए....
क्यूँ नरेंदर मोदी वाड्रा पर खामोश हैं ?
आखिर क्यों नरेंदर मोदी ने बांग्लादेश के साथ जमीन समझौता किया जो कांग्रेस की सोच थी ?
आखिर क्यों नरेंद्र मोदी ने हमेशा कोसने के बाद भी आधार कार्ड स्कीम को अपना लिया,
क्यों नरेगा को अपना लिया ?
क्यों नरेंद्र मोदी नवाज शरीफ के आगे झुक गए और उनका जन्मदिन मनाने पकिस्तान चले गए ?
और पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब क्यों नहीं दिया ?
आखिर क्यों FDI का विरोध करने वाले नरेंद्र मोदी आज FDI के गुण गाने लगे ?
आखिर क्यों इटली मरीन के मुद्दे पर मोदी जी झुक गए और क़ातिलों को देश के बाहर, जाने दिया ?
आखिर क्यों ये वाले नरेंद्र मोदी दाऊद को पाकिस्तान से घसीट कर नहीं ला पाये ?
आख़िर क्यों 100 दिन में काला धन नहीं ला सके ?
ऐसा क्या हुआ की नरेंद्र मोदी रुपये को 35 पर नहीं ला पाये
आज देश में महंगाई है, अपराध है ?आखिर क्यों ???
क्यों विजय माल्या जनता का 9000 करोड़ लेकर भाग गया और कई भागने की प्लानिंग कर रहे हैं ?


क्योंकि दोस्तों ये जो नकली प्रधानमंत्री हैं ना ये बहुत बड़ी साज़िश है ,
हमारे असली वाले नरेंद्र मोदी को तो इटली में बंद कर दिया गया है,
वो आज होते तो देश की सेना पाकिस्तान घुस गयी होती,
चीन हमारी लाल-लाल आँख देख कर कही दुबक जाता, ये प्याज दाल टमाटर तो 10 रूपये किलो मिलता और आलू तो फ्री।
गैस का सिलिंडर 200 रुपये का और पेट्रोल 25 रुपये का मिलता लेकिन ये सब नहीं हुआ क्योंकि.... हमारे असली वाले नरेंद्र मोदी को कही अज्ञातवास में रखा गया है, और नकली को प्रधानमन्त्री बन दिया गया है।मित्रो अगर देश में परिवर्तन चाहिए तो इटली चलना होगा, और वहां से असली वाले नरेंद्र मोदी को लाना होगा।तभी देश में विकास होगा ,
इसलिए दोस्तों इटली चलो और अपना संघर्ष करो

Wednesday, 22 June 2016

ऐसा क्या हुआ कि इस बन्दे ने मोदी की ऐसी परिभाषा बताई ?





मर्डरर ऑफ़ डेमोक्रेटिक इंडिया - MODI
1. स्मृति जुबेन इरानी के झूठ साबित होने के बावजूद शिक्षा मंत्री बनाए रखे
२. किसानों से न्यायालय जाने के अधिकार छीन लिए 
३. किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए टैक्स तो लगाए गए लेकिन उनकी सहायता आज तक नहीं की गई
४. जनता के द्वारा नकारे गए लोगों को मंत्री बनाए 
५. रोज जातिवादी बयानों के बावजूद अपने पार्टी के लोगों को सम्मानित करते रहे
6. जनता के पैसे लूटने के लिए और उद्योगपतियों के हितों के अनुसार पेट्रोल के दाम में बेतहासा वृद्धि 
७. ख़ाली पड़ी ज़मीनों को बन्दरबाँट 
८. सभी अस्त्र-शस्त्रों के बाद अब शीला के भ्र्ष्टाचार पर मोदी द्वारा केजरीवाल पर FIR दर्ज करवाना मतलब साफ़ है
९. अपने साथी अपराधियों पर से मुकदमे वापस ले रहे हैं उनको बरी कर रहे हैं और बेक़ुसूर विरोधियों पर 
कार्यवाही कर रहे है 
१०. नागालैंड का अब अलग झंडा और पासपोर्ट.

Sunday, 5 June 2016

केजरीवाल की भष्ट्राचार के खिलाफ लड़ाई की खुली पोल, चौंका देने सच आया सामने.

Arvind-kejriwal

केजरीवाल की भष्ट्राचार के खिलाफ लड़ाई की खुली पोल, चौंका देने सच आया सामने


दिल्ली के मुख़्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिर सवालों के घेरे में हैं। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि जब केजरीवाल के तमाम दावों के बादवजूद उनके सरकार पर ही भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं तो अरविन्द केजरीवाल क्यों मौन हैं और एक के बाद एक नए मामले सामने आ रहे हैं लेकिन दिल्ली सरकार अपनी चुप्पी क्यों नहीं तोड़ रही है।
ये हैरान करने देने वाला मामला आदमी पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के तमाम दावों को गलत साबित करता दिख रहा है!


केजरीवाल के भष्ट्राचार से लड़ाई की खुल गई पोल

सीबीआई ने नहरपुर में अवैध निर्माण की इजाजत देने के लिए तीन व्यक्तियों से 50,000 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप मेंकेजरीवाल सरकार के एसडीएम राहुल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने एसडीएम राहुल अग्रवाल के अलावा दलाल संदीपबिल्डर विजेंद्र और अश्विनी यादव को भी गिरफ्तार किया।
पीतमपुरा स्थित आवास पर छापेमारी के दौरान वहां एजेंसी को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी जब एसडीएम अग्रवाल की पत्नी ने फ्लैट में घुसने से रोका। राहुल अग्रवाल की पत्नी ने हीरे जड़ित गहने और अन्य कीमती जेवरात छत पर पानी के टैंक के पास फेंक दिए थे जिसे सीबीआई टीम ने बरामद कर लिया।
इस छापेमारी में पांच लाख के नकदी के अलावा कुछ कागजात भी मिले जिनके द्वारा एसडीएम पर लगे आरोपों को और अधिक बल मिला है।
ऐसे होती थी अवैध वसूली:
सीबीआई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरोपी अधिकारी राहुल अग्रवाल निजी इमारतों के मालिकों और सरकारी जमीन पर कब्जा या अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी किया करता था और दलाल के माध्यम से पैसे वसूल कर मामले का निपटारा करता था। इस मामले में अधिकारी ने दलाल संदीप के साथ काम करने की बात स्वीकार की है। इस दौरान छापेमारी में संदीप के घर से डेढ़ लाख नकदी जब्त किया गया जबकि कुछ सरकारी फाइल्स भी बरामद की गईं। 
इससे पहले सीबीआई ने केजरीवाल सरकार के अधिकारी राहुल अग्रवाल को 50,000 रूपये रिश्वत के रूप में लेते हुए गिरफ्तार किया था। आरोपियों की पेशी रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को हुई।

अनुभवी अभिनेत्री, रंगकर्मी सुलभा देशपांडे नहीं रहीं





अनुभवी अभिनेत्री, रंगकर्मी सुलभा देशपांडे नहीं रहीं

रंगकर्मी और अभिनेत्री सुलभा देशपांडे का लंबी बीमारी के बाद मुंबई स्थित उनके आवास पर शनिवार को निधन हो गया. यह जानकारी उनके पारिवारिक सूत्रों ने दी. वह 79 वर्ष की थीं.

विजय तेंदुलकर जैसे प्रख्यात नाट्य लेखकों द्वारा लिखे नाटकों में अभियन करने वाली सुलभा ने कई मराठी और हिन्दी फिल्मों तथा टीवी सीरियलों में काम किया था.

हिन्दी सिनेमा में उन्होंने 'भूमिका :1977:', 'अरविंद देसाई की अजीब दास्तान :1978:', 'गमन :1978:' में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं. हाल के दिनों में वह गौरी शिन्दे निर्देशित फिल्म 'इंग्लिश विंग्लिश' में नजर आई थीं. वह तेंदुलकर, विजय मेहता और सत्यदेव दुबे के साथ प्रतिष्ठित मराठी थियेटर ग्रुप 'रंगायन' से भी जुड़ी रहीं.

उन्होंने अपने पति अरविंद देशपांडे के साथ 1971 में थियेटर ग्रुप 'अविष्कार' का गठन किया था. उनके पति का 1987 में देहांत हो चुका था.






Deshpande was associated with experimental Marathi theatre and children’s theatre in Mumbai as well as the iconic Indian New Wave phase of cinema in the 1970s and ’80s. She started off in the groundbreaking productions of the likes of Satyadev Dubey, Vijay Tendulkar Vijaya Mehta and Shreeram Lagoo in the ’60s. Awishkar, the theatre group she founded in 1971 with her husband Arvind Deshpande (who died in 1987), provided a vital platform for writing and talent acting from a school auditorium in central Mumbai. Deshpande also ran Chandrashala, Awishkar’s children’s section. One of her most well-regarded stage roles is as Leena Benare in Tendulkar’s seminal playShantata! Court Chalu Ahe in 1967, which she reprised in the movie version made in 1971.

Deshpande was also a familiar face in several arthouse films in Hindi and Marathi. She featured in the movies of Shyam Benegal (including Bhumika from 1977), Saeed Mirza, Gulzar and Govind Nihalani. Among her most recent roles was in English Vinglish (2013) as a kindly matriarch whose supports her shy daughter-in-law. She also had television shows to her credit, including Badalte Rishte (1996) and Kehta Hai Dil Je Le Zaraa (2014).

Saturday, 4 June 2016

पाकिस्तान ने तोड़ा प्राचीन जैन मंदिर, तस्वीरों में देखिए वहां के मंदिरों की दुर्दशा






पाकिस्तान ने तोड़ा प्राचीन जैन मंदिर, तस्वीरों में देखिए वहां के मंदिरों की दुर्दशा

पाकिस्तान ने भारत की उम्मीदों को एक बार फिर तोड़ दिया है। दरअसल पाकिस्तान के लाहौर में एक प्राचीन मंदिर को तोड़ दिया गया है।
माना जाता है कि इस मंदिर में स्थापित जैन तीर्थंकर की मूर्ति करीब 1000 साल पुरानी है। भारत सरकार और जैन समुदाय के सदस्य चाहते थे कि इस बहुमूल्य धरोहर को भारत वापस लाकर इंदौर शहर में स्थापित किया जाए। लेकिन अब यह सपना अधूरा ही रह जाएगा।



2016-03-03

जैन समुदाय ने विदेश मंत्रालय से इसकी मांग की थी। लेकिन इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास से जवाब में कहा गया कि यह मंदिर 1992 में ही टूट गया था। उसके बाद उस जगह पर लाहौर वेस्ट मैनेजमेंट का ऑफिस खुल गया था, जिन्हें मेट्रो प्रोजेक्ट में बन रहे रोड़ा की वजह से तोड़ दिया गया है।
दैनिक भास्कर ने अपनी एक रिपोर्ट में जैन युवा संगठन के संयोजक अनुरोध जैन के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान में इस बहुमूल्य धरोहर के तोड़े जाने का विरोध किया गया था। जैन समुदाय ने यह मांग रखी थी कि इस मंदिर की मूर्ति को वापस कर दिया जाए। इसके अलावा यह भी अनुरोध किया गया था कि पाकिस्तान में मौजूद मदिरों को सुरक्षा प्रदान की जाए।



तस्वीरों में देखिए पाकिस्तान में किस हाल में हैं मंदिर:

राम पीर मंदिर, कराची


dainikbhaskar


2016-03-03

तस्वीरों में देखिए पाकिस्तान में किस हाल में हैं मंदिर:

राम पीर मंदिर, कराची

कटासराज मंदिर, पाकिस्तान

हिंगलाज मंदिर, पाकिस्तान

गौरी मंदिर, पाकिस्तान

मरी इंडस, पंजाब, पाकिस्तान


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पाकिस्तान के भेरा में स्थित जर्जर अवस्था में मंदिर

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शिव मंदिर, पाक अधिकृत कश्मीर


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वर्ल्ड बैंक कहता है, हमारा देश अब विकास नहीं कर रहा है....Read






वर्ल्‍ड बैंक ने हटाया भारत के विकासशील देश का टैग, अब पाक, जांबिया और घाना जैसे देशों के बराबर रखा..




वर्ल्‍ड बैंक ने भारत को लेकर विकासशील देशों का तमगा हटा दिया है। अब भारत लोअर मिडिल इनकम कैटेगरी में गिना जाएगा। भारत नए बंटवारे के बाद जांबिया, घाना, ग्‍वाटेमाला, पाकिस्‍तान, बांग्‍लादेश और श्रीलंका जैसे देशों की श्रेणी में आ गया है। सबसे बुरी बात यह है कि ब्रिक्‍स देशों में भारत को छोड़कर चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील अपर मिडिल इनकम श्रेणी में आते हैं। अभी तक लो और मिडिल इनकम वाले देशों को विकासशील और हाई इनकम वाले देशों को विकसित देशों में गिना जाता रहा है।

वर्ल्‍ड बैंक ने अर्थव्‍यवस्‍था के बंटवारें की श्रेणियों के नामों में परिर्वतन किया है। वर्ल्‍ड बैंक के डाटा साइंटिस्‍ट तारिक खोखर ने बताया, ”हमारे वर्ल्‍ड डवलपमेंट इंडिकेटर्स पब्लिकेशन में हमने लो और मिडिल इनकम वाले देशों को विकासशील देशों के साथ रखना बंद कर दिया है। विश्‍लेषणात्‍मक उद्देश्‍य से भारत को लोअर मिडिल इनकम अर्थव्‍यवस्‍था में रखा जा रहा है। हमारे सामान्‍य कामकाज में हम विकासशील देश की टर्म को नहीं बदल रहे हैं। लेकिन जब स्‍पेशलाइज्‍ड डाटा देंगे तो देशों की सूक्ष्‍म श्रेणी का प्रयोग करेंगे।”


वर्ल्‍ड बैंक की ओर से कहा गया है कि मलावी और मलेशिया दोनों विकासशील देशों में गिने जाते हैं। लेकिन अर्थव्‍यवस्‍था की दृष्टि से देखें तो मलावी का आंकड़ा 4.25 मिलियन डॉलर है जबकि मलेशिया का 338.1 बिलियन डॉलर है। नए बंटवारे के बाद अफगानिस्‍तान, नेपाल लो इनकम में आते हैं। रूस और सिंगापुर हाई इनकम नॉन ओईसीडी और अमेरिका हाई इनकम ओईसीडी कैटेगिरी में आता है। नई श्रेणियों को निर्धारण वर्ल्‍ड बैंक ने कई मानकों के आधार पर किया है। इनमें मातृ मृत्‍यु दर, व्‍यापार शुरू करने में लगने वाला समय, टैक्‍स कलेक्‍शन, स्‍टॉक मार्केट, बिजली उत्‍पादन और साफ-सफाई जैसे मानक शामिल हैं। 

वर्ल्ड बैंक ने इंडिया और दुनिया के सारे देशों को उनकी कमाई-धमाई के हिसाब से कैटेगराइज किया है. जिसके बाद अब हमारा देश ‘लोअर मिडिल इनकम’ वाले देशों में शामिल कर दिया गया है.
प्यारा पपलू पाकिस्तान भी हमारे साथ इसी कैटेगरी में चला आया है. चाउमीन में जीरावन डालने वाले ध्यान दें, चीन को अबकी बार ‘अपर मिडिल इनकम’ कंट्रीज में रखा गया है. चीन के साथ ही मैक्सिको और ब्राजील को भी इसी कैटेगरी में रखा गया है. मैक्सिको और ब्राजील कहीं रहें, हमें फर्क सिर्फ चीन से पड़ता है. वो दों नाम तो बस इसलिए लिख दिए ताकि आपको लगे लड़के को बड़े फैक्ट पता हैं.
नए पैमानों के हिसाब से जिन देशों का ग्रॉस नेशनल इनकम इंग्लिश पढ़कर सकते में न आइए, इनका मतलब था हर आदमी की कमाई 1,045 डॉलर से कम है. उनको लो इनकम देश या और देशों में ये आय 1,046 डॉलर से लेकर 4,125 डॉलर के बीच होगी. उनको लोअर मिडिल इनकम देश कहा जाएगा. इसी स्केल पर हम जहां पर थे, वहां से लो इनकम वाले देश कहा

Heeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee